जो काम बार‑बार होता है, वो हमें सौंप दीजिए।

किसी भी देश के बिज़नेस के लिए वेबसाइट, चैट, बैक‑ऑफ़िस और कस्टम टूल। 7 दिन में प्रोटोटाइप, बाक़ी काम चरणों में, और पेमेंट काम के साथ‑साथ।

वेबसाइट और ऑनलाइन स्टोर

ऐसी साइट जो हर फ़ोन पर फटाफट खुले और अपना काम करे: ऑर्डर ले, स्लॉट बुक करे, पेमेंट ले।

उदाहरण के लिए

  • जयपुर की एक बेकरी के लिए ऑनलाइन ऑर्डर
  • लखनऊ के एक क्लिनिक के लिए बुकिंग और रिमाइंडर
  • इंदौर में उसी दिन डिलीवरी वाला स्टोर

चैट और मैसेजिंग

ग्राहक वही दस सवाल बार‑बार पूछते हैं। हम पक्का करते हैं कि उन्हें तुरंत जवाब मिले, आपके अंदाज़ में, और ज़रूरत पड़ने पर कोई इंसान बात संभाल ले।

उदाहरण के लिए

  • पूछते ही दाम और मेन्यू पहुँच जाएँ
  • चैट पर ऑर्डर, दिन हो या रात
  • डिलीवरी अपडेट, एक भी फ़ोन कॉल के बिना

बैक‑ऑफ़िस ऑटोमेशन

वो काग़ज़ी काम जो आपकी शामें खा जाता है: इनवॉइस, रिमाइंडर, फ़ॉलो‑अप, स्टॉक की गिनती और रिपोर्ट।

उदाहरण के लिए

  • बक़ाया इनवॉइस पर विनम्र रिमाइंडर
  • दुकान और वेबसाइट का स्टॉक हमेशा एक जैसा
  • रोज़ सुबह 7 बजे आपकी रिपोर्ट तैयार

कस्टम ऐप और डैशबोर्ड

जब बने‑बनाए टूल फ़िट न हों, तो हम वो टूल बनाते हैं जो फ़िट हो, आपके बिज़नेस के मौजूदा तरीक़े के हिसाब से।

उदाहरण के लिए

  • हर चैनल के ऑर्डर, एक ही डैशबोर्ड पर
  • एक पोर्टल, जहाँ क्लाइंट अपने काम का स्टेटस देखें
  • एक असिस्टेंट, जो आपके अपने डॉक्यूमेंट से जवाब दे

एक ऑटोमेशन चलता हुआ देखें।

पहले चुनें कि क्या होता है, फिर ये कि उसके बाद क्या हो। फिर “चलाएँ” दबाएँ।

जब ये हो
तो ये करें
नया ऑर्डर आए

    जल्दी, चरणों में, और पेमेंट काम के साथ‑साथ।

    न पहले से कोई भारी बिल, न महीनों का इंतज़ार। पहले आप उसे चलता हुआ देखते हैं।

    7 दिन में प्रोटोटाइप। बाक़ी काम चरणों में। जैसे‑जैसे काम, वैसे‑वैसे पेमेंट।

    1. बताइए, काम कहाँ अटकता है

      एक छोटी‑सी कॉल या दो मिनट का फ़ॉर्म। हम आपके दिन के बारे में पूछते हैं, टेक्नोलॉजी के बारे में नहीं।

    2. 7 दिन में प्रोटोटाइप

      एक हफ़्ते के अंदर आप एक चलता हुआ वर्ज़न ख़ुद क्लिक करके देख रहे होंगे। कोई प्रेज़ेंटेशन नहीं।

    3. चरणों में बनाते हैं

      बाक़ी हिस्से हम एक‑एक करके जोड़ते हैं। हर चरण डिलीवर होने पर आप उसी का पेमेंट करते हैं।

    4. लॉन्च, और उसके बाद भी साथ

      हम उसे लाइव करते हैं, आपकी टीम को चलाना सिखाते हैं, और सुधार या बदलाव के लिए साथ बने रहते हैं।

    लोग अक्सर पूछते हैं

    क्या आप भारत के बाहर के बिज़नेस के साथ भी काम करते हैं?

    हाँ। हम रिमोट काम करते हैं, इसलिए आप कहाँ हैं, इससे फ़र्क़ नहीं पड़ता। ये साइट तो आपके देश के उदाहरण भी दिखाती है।

    ख़र्च कितना आएगा?

    ये आपकी ज़रूरत पर निर्भर है, इसलिए हम एक छोटी‑सी बातचीत के बाद ही क़ीमत बताते हैं। हर हिस्सा डिलीवर होने पर आप चरण दर चरण पेमेंट करते हैं, पूरा पैसा कभी पहले नहीं।

    “7 दिन में प्रोटोटाइप” का मतलब क्या है?

    पहले चरण पर बात पक्की होने के 7 दिन के अंदर आपको एक चलता हुआ वर्ज़न मिलता है, जिसे आप क्लिक करके टेस्ट कर सकते हैं। कोई मॉकअप या प्रेज़ेंटेशन नहीं।

    क्या मुझे कुछ टेक्निकल आना चाहिए?

    नहीं। बस बताइए कि आपका दिन कैसे चलता है और कहाँ परेशानी होती है। बाक़ी हम संभालते हैं, और हर बात आसान शब्दों में समझाते हैं।

    क्या ये मेरे मौजूदा टूल के साथ चलेगा?

    ज़्यादातर, हाँ। कुछ नया सुझाने से पहले हम उन्हीं टूल को जोड़ते हैं जिनके पैसे आप पहले से दे रहे हैं।

    आप जो बनाते हैं, वो किसका होता है?

    आपका डोमेन, आपका डेटा और आपके अकाउंट, सब आपके ही नाम पर रहते हैं।

    लॉन्च के बाद क्या होता है?

    सुधार, अपडेट और नई चीज़ें जोड़ने के लिए हम आगे भी साथ रह सकते हैं, उन शर्तों पर जो हम शुरू करने से पहले तय करेंगे।

    बताइए, आपको कौन‑से घंटे वापस चाहिए।

    दो मिनट, पाँच छोटे सवाल। हम एक कामकाजी दिन के अंदर जवाब देते हैं।